अश्वगंधा के फायदे नुकसान और सेवन करने का तरीका – Ashwagandha ke fayde aur nuksan

अश्वगंधा एक औषधीय पौधा है जो कई वर्षो से भारत और अफ्रीका, मध्य पूर्व में कई बीमारियों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है।  इसके औषिधीय गुण इसे एक मुख्य और जरुरी पौधा बनाते है। उद्देश्यों की पूर्ति के रूप में इसकी जड़ो और नारंगी रंग के लाल फलों का प्रयोग सैकड़ो सालो से किया जा रहा है। इसकी जड़ी बूटियों को भारतीय जिनसेंग और विंटर चेरी के नाम से भी जाना जाता है।

Ashwagandha ke fayde aur nuksan

अश्वगंधा के फायदे नुकसान  | Ashwagandha ke fayde aur nuksan | ashwagandha benefits side effects in hindi

अश्वगंधा को इस नाम से इस लिए जाना जाता है क्युकि इसकी जड़ की महक एक घोड़े की तरह होती है। अश्व का मतलब घोड़ा और गंध का मतलब महक है। इसका प्रयोग भारत में लगभग 3000 साल पहले शुरू हो गया था और इसकी जड़ी बूटी आयुर्वैदिक दवा में सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण जड़ी बूटी  मे से एक  है।

आयुर्वेद में अश्वगंधा को एक महत्वपूर्ण दवा और एक रसायन के रूप में प्रयोग किया जाता है। आयुर्वेद में कई तरह की बीमारियों के उपचार के लिए विशेष जड़ी बूटियों, विशेष आहार प्रणाली और प्राकृतिक उपचार ही मुख्य रूप से शामिल है। इस तरह अश्वगंधा एक महान औषधि है जो शारीरिक और मानसिक रूप से युवा बनाये रखती है।

इसकी पत्तियों, फल और जड़ और यहाँ तक की बीज का प्रयोग भी कई बीमारियों को दूर करने में प्रयोग किया जाता है।  ज्यादातर इसकी जड़ो का प्रयोग किया जाता है।

बीमारियाँ  जहाँ इसका प्रयोग किया जाता है वो इस प्रकार है –

  • गठिया
  • कब्ज
  • अनिद्रा
  • त्वचा की स्थिति
  • तनाव
  • जठरांत्र से सम्बंधित बीमारी
  • मधुमेह
  • तंत्रिका टूटने
  • बुखार
  • साप का काटना
  • स्मरण शक्ति की क्षति

संयुक्त राज अमेरिका में तो इसे एक पूरक के रूप में बेचा जा रहा है और हमारे भारतीय चिकित्सा में अश्वगंधा का स्थान महत्वपूर्ण है।

आज के आधुनिक अध्ययनों से यह संभव हुआ है कि अश्वगंधा का प्रयोग कई तरह से फायदेमंद हो सकता है । लेकिन अभी बहुत सी बातो का पता करना है  कि यह हर्बल मानव शरीर में कैसे प्रतिक्रिया करता है। इस से होने वाले संभावित  लाभ जिसके द्वारा कई बिमारियों का इलाज किया जाता है वो लाभ इस प्रकार है।

 ashwagandha benefits side effects in hindi

Ashwagandha ke fayde

चिंता – Ashwagandha for anxiety in Hindi

अध्यनो से यह पता चला है की दवा लोराज़ेपम (एक शामक और चिंता दवा) की तुलना में अश्वगंध का प्रभाव कही ज्यादा पड़ता है और ये चिंता जैसी बीमारी में एक राहत का अनुभव कराता है।

पत्रिका फाइटोमेडीस्किन के एक लेख में ये प्रकाशित हुआ था की इसका असर मरीज को शांति प्रदान करता है और चिंता के  असर को भी काफी हद तक कम करने की क्षमता रखता है।

गठिया – Ashwagandha for Arthritis in Hindi

अश्वगंधा को एक दर्द के निवारक के तौर पर भी प्रयोग किया जाता हैजो दर्द को कम करने के लिए तंत्रिका तंत्र पर कार्य करता है और दर्द को प्रेषित होने से रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण औषिधि के रूप में जाना जाता है।  इसका प्रयोग रूमेटोइड गठिया के उपचार के लिए किया जाता है और इसे  एक महान क्षमता मिली है इसके दर्द निवारक गुण ही इसे गठिया जैसे रोगो का उपचार करने के लिए प्रभावी बनाते हैं।

ह्रदय का उपचार – Ashwagandha for Heart in Hindi

इस औषिधि का उपयोग ह्रदय से सम्बंधित कसी बिमारियों के इलाज में कारगर सिद्ध हुई है जैसे कि –

  • उच्च रक्त चाप
  • उच्च कोलेस्ट्रॉल
  • छाती में दर्द

दिल की बीमारी – Ashwagandha for heart in Hindi

अध्यनो और इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आयुर्वेद रिसर्च में प्रकाशित पत्रिका से यह पता चलता है कि अश्वगंधा और कुछ और जड़ी बूटियों के मिश्रण से दिल की कई मारियो का इलाज किया जा सकता है और दूसरी जड़ी बूटियों के साथ संयोजन मानव शरीर की मांसपेशियों को ताकत प्रदान करती है और उनमे सुधर भी करती है।

अल्जाइमर्स का इलाज – Ashwagandha for Alzheimer’s in Hindi

कई शोधो और अध्यनो से यह पता चला है कि ये आयुर्वेदिक दवा दिमाग से सम्बंधित कई बीमारी जैसे कि  अल्जाइमर्स, हटिंग्सन और पार्किंसन आदि कई रोगो को कम करने या ठीक करने की क्षमता रखती है।

कैंसर – Ashwagandha for cancer in Hindi

ये औषिधि कैंसर जैसे रोगो में भी प्रभावी है और कई अध्यनो और प्रोयोगो द्वारा ये पाया गया है कि फेफड़े के ट्यूमर  स्तन, फेफड़े और किडनी आदि कई मानव  कैंसर को धीमा धीमा कनरे की क्षमता रखती है।

सेक्स और ताकत – ashwagandha Sex and strength in hindi

सेक्स क्षमता को बढ़ाता है और आदमी और औरत की प्रजनन क्षमता को भी बढ़ाता है। अश्वगंधा उम्र के प्रभाव को कम कर आंतरिक शक्ति को बढ़ाता है।

अश्वगंधा के कुछ नुकसान या दुष्प्रभाव – ashwagandha side effects in hindi

  • अश्वगंधा को छोटी छोटी खुराक में ही दिया जाता है जिससे की इसे सहन  और प्रभाव भी ठीके रहे फिर भी कुछ दुष्प्रभाव है जो इसप्रकार है
  • गर्भवती महिलाओ को इसका सेवन नहीं करना चाहिए क्युकी इसका कारण डिलीवरी पर पड़ता है।
  • आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है जिससे यह चिंता का विषय है और जिसके कारण इन्हे दवा के फर्मो और अन्य खाद्य उत्पादकों के सामान मानकों में भी नहीं रखा जा सकता है।

सेवन करने का तरीका – how to use ashwagandha in hindi

अश्वगंधा को लेने का तरीका उपचार के तरीके पर निर्भर करता है।  जिस बीमारी का इलाज किया जा रहा है उसी के अनुरूप इसकी मात्रा तय की जाती है।

अश्वगंध रूट या पत्ती के पाउडर  की खुराक प्रतिदिन दो बार 1-2 छोटा चम्मच है, इसे पानी में उबाल कर  या दूध, मक्खन, घी या शहद के साथ मिश्रित करके प्रयोग किया सकता है।

अश्वगंध का उपयोग 450 मिलीग्राम से 2 ग्राम तक के खुराक में पाउडर रूप में किया जा सकता है। इसे  कैप्सूल, पाउडर, या स्वास्थ्य भोजन या  स्टोर से खरीद सकते हैं।

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