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बेटे से नाराज मध्य प्रदेश के किसान ने पालतू कुत्ते के नाम की 2 एकड़ जमीन, बनाई वसीयत

पालतू कुत्ते से इंसान के प्रेम की अनूठी और रोचक कहानियां सामने आती रहती हैं। मध्य प्रदेश के एक किसान (Madhya Pradesh Farmer) ने अपने पालतू कुत्ते के नाम दो एकड़ लिख दी है और बकायदा वसीयत भी बना दी। जी हां, कुत्ते के नाम जमीन वसीयत लिख देना यह बात आपने नही सुना और ना देखा होगा, लेकिन यह बात बिल्कुल सच है। मध्य प्रदेश में छिंदवाडा जिले (Chhindwara District) के ग्राम बाड़ीबाड़ा के निवासी किसान ओम नारायण वर्मा (Om Narayan Verma) ने अपने पालतू कुत्ते जैकी (Jackie) को दो एकड़ जमीन का वारिश बनाया है। छिंदवाड़ा के बाड़ीबाड़ा ... Read moreबेटे से नाराज मध्य प्रदेश के किसान ने पालतू कुत्ते के नाम की 2 एकड़ जमीन, बनाई वसीयत
 
बेटे से नाराज मध्य प्रदेश के किसान ने पालतू कुत्ते के नाम की 2 एकड़ जमीन, बनाई वसीयत

पालतू कुत्ते से इंसान के प्रेम की अनूठी और रोचक कहानियां सामने आती रहती हैं। मध्य प्रदेश के एक किसान (Madhya Pradesh Farmer) ने अपने पालतू कुत्ते के नाम दो एकड़ लिख दी है और बकायदा वसीयत भी बना दी। जी हां, कुत्ते के नाम जमीन वसीयत लिख देना यह बात आपने नही सुना और ना देखा होगा, लेकिन यह बात बिल्कुल सच है। मध्य प्रदेश में छिंदवाडा जिले (Chhindwara District) के ग्राम बाड़ीबाड़ा के निवासी किसान ओम नारायण वर्मा (Om Narayan Verma) ने अपने पालतू कुत्ते जैकी (Jackie) को दो एकड़ जमीन का वारिश बनाया है।

छिंदवाड़ा के बाड़ीबाड़ा गांव निवासी किसान ओम नारायण ने अपने पालतू कुत्ते (Pet Dog) की वफादारी के चलते अपनी जायदाद से दो एकड़ जमीन का हकदार बना दिया। किसान ने बाकायदा अपनी वसीयत में अपनी जायदाद का हिस्सा अपने कुत्ते के नाम किया है। जबकि बाकि जमीन का हिस्सा 47 वर्षीय अपनी पत्नी चंपा (Champa) के नाम कर दिया। दरअसल, 50 वर्षीय किसान ओम नारायण अपने बेटों के व्यवहार से नाराज थे। उन्होंने अपनी वसीयत में अपने बेटे की जगह पालतू कुत्ते को जायदाद का हिस्सेदार बना दिया।

किसान ने कानूनी शपथ पत्र बनाकर अपने पालतू कुत्ते जैकी को वारिस घोषित किया है। किसान ने अपनी वसीयत में लिखा है कि मेरी सेवा मेरी पत्नी और पालतू कुत्ता करता है, इसलिए मेरे जीते जी वह मेरे लिए सबसे अधिक प्रिय हैं। मेरे मरने के बाद पूरी संपत्ति और जमीन-जायदाद के हकदार पत्नी चंपा वर्मा और पालतू कुत्ता जैकी होगा। साथ ही कुत्ते की सेवा करने वाले को जायदाद का अगला वारिस माना जाएगा।

किसान ओम नारायण वर्मा ने अपनी संपत्ति में से दो एकड़ जमीन कुत्ता जैकी के नाम करने की वजह बताई कि पारिवारिक विवाद के चलते गुस्से में 2 एकड़ जमीन पालतू कुत्ते के नाम किया है। परिवार में जो भी उसका पालन पोषण करेगा, उसकी जायदाद उसको मिलेगी। बताया जा रहा है कि ओम नारायण के पास 18 एकड़ जमीन है और उसके 5 संताने हैं। वसीयत में जैकी की उम्र 11 महीने लिखी गई है।

न्यूज 18 के मुताबिक हालांकि बाद में वर्मा को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा। स्थानीय सरपंच ने उनसे बात की और वसीयत पर विचार करने के लिए मना लिया। वर्मा ने बाद में मीडिया को बताया कि उन्होंने वसीयत को गुस्से कुत्ते के नाम लिखा था और वसीयत को वह रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। सरपंच जमुना प्रसाद वर्मा ने भी पुष्टि की कि उन्होंने वर्मा से बात की है जिन्होंने उन्हें वसीयत रद्द करने का वादा किया है।

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