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मात्र 100 रुपये में होगा संपत्ति का बंटवारा, बिहार सरकार का आदेश

नई निबंधन नियमावली लागू होने के पहले दिन शुक्रवार को मुंगेर जिले में नौ लोगों ने रजिस्ट्री करने के लिए कागजात जमा किये। मुंगेर के निबंधन कार्यालय में सात और खड़गपुर के निबंधन कार्यालय में दो लोगों ने कागजात जमा कराए। वहीं तारापुर निबंधन कार्यालय में निबंधन कराने के लिए कोई कागजात जमा नहीं कराया गया। नई नियमावली के अनुसार, जिसके नाम से जमीन की जमाबंदी (दाखिल-खारिज) होगी, वही व्यक्ति उसकी बिक्री कर सकता है अथवा दान में दे सकता है। बिना अपने नाम पर दाखिल-खारिज कराए कोई व्यक्ति अपनी पैतृक जमीन की भी बिक्री नहीं कर सकता है। राज्य ... Read moreमात्र 100 रुपये में होगा संपत्ति का बंटवारा, बिहार सरकार का आदेश
 
मात्र 100 रुपये में होगा संपत्ति का बंटवारा, बिहार सरकार का आदेश

नई निबंधन नियमावली लागू होने के पहले दिन शुक्रवार को मुंगेर जिले में नौ लोगों ने रजिस्ट्री करने के लिए कागजात जमा किये। मुंगेर के निबंधन कार्यालय में सात और खड़गपुर के निबंधन कार्यालय में दो लोगों ने कागजात जमा कराए। वहीं तारापुर निबंधन कार्यालय में निबंधन कराने के लिए कोई कागजात जमा नहीं कराया गया। नई नियमावली के अनुसार, जिसके नाम से जमीन की जमाबंदी (दाखिल-खारिज) होगी, वही व्यक्ति उसकी बिक्री कर सकता है अथवा दान में दे सकता है। बिना अपने नाम पर दाखिल-खारिज कराए कोई व्यक्ति अपनी पैतृक जमीन की भी बिक्री नहीं कर सकता है। राज्य कैबिनेट ने पिछले सप्ताह ही इस प्रस्ताव को पारित किया था। नई नियमावली के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में अपार्टमेंट/प्लैट की बिक्री करने के लिए भी वही अधिकृत होगा, जिसके नाम से होल्डिंग नंबर होगा। रजिस्ट्री करने के पहले पदाधिकारी इसकी जांच करेंगे कि बिक्री अथवा दान करने वाले व्यक्ति के नाम पर जमाबंदी है या नहीं। इसके बाद ही रजिस्ट्री होगी। पैतृक जमीन की अगर बिक्री करनी है तो इसके लिए पहले आपस में परिवारिक बंटवारा कर अपने नाम पर उसकी जमाबंदी करानी होगी। गौरतलब हो कि राज्य में पारिवारिक बंटवारे में की जाने वाली रजिस्ट्री मात्र 100 रुपये में हो रही है। राज्य में भूमि विवाद को कम करने के लिए रजिस्ट्री की इस नई व्यवस्था को लागू करने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 19 जुलाई 2019 को विधानसभा में भी की थी। इसके पहले दस जून को सीएम ने लोकसंवाद में एक व्यक्ति के सुझाव पर नियम बनाने का निर्देश दिया था।

nitish kumar

बोले पदाधिकारी: मुंगेर के निबंधन पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार से जिन रैयतों का जमाबंदी कायम है, उन्हीं के द्वारा रजिस्ट्री किया गया। रजिस्ट्री में नेट से डाउनलोड कर जमाबंदी का प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक है। इसके बाद उनके द्वारा ऑनलाइन संलग्न प्रमाण पत्र का मिलान करने के बाद ही रजिस्ट्री किया जाएगा।

इन्होंने की रजिस्ट्री : पहले दिन 09 लोगों ने रजिस्ट्री करायी। नयाटोला केशोपुर निवासी रंजना देवी ने एक, पूरबसराय निवासी श्रीनारायण सिंह ने पांच, धरहरा की पंचरुखी निवासी मंजू देवी ने एक और हवेली खड़गपुर निबंधन कार्यालय में नाकी पंचायत निवासी विष्णुदेव चौधरी सहित एक अन्य लोगों ने जमाबंदी का प्रमाण देने के बाद रजिस्ट्री किया।

नेट से डाउनलोड कर देना होगा जमाबंदी का प्रमाण : रजिस्ट्री करने वाले जमाबंदी रैयत को नेट से डाउनलोड कर जमाबंदी का प्रमाण पत्र देना होगा। नेट से डाउनलोड किए गए जमाबंदी के प्रमाण पत्र में जमाबंदी संख्या, भाग संख्या, पृष्ठ संख्या और जमाबंदी रैयत का नाम अंकित होगा। इसके बाद निबंधन पदाधिकारी मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग से निर्गत लॉग इन आईडी एवं पासवर्ड को जिले के ऑनलाइन जमाबंदी के वेबसाइट से मिलान करने के बाद ही रजिस्ट्री करेंगे।

100 रुपये में परिवारिक संपत्ति का होता बंटवारा : सरकार ने परिवारिक एवं पैतृक संपत्ति के बंटवारे में सिर्फ 100 रुपये शुल्क लेने का निर्देश जारी किया था। पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे के लिए 50 रुपये निबंधन और 50 रुपये स्टांप शुल्क लिया जाता है। बटवारा के दौरान जमीन का रकबा कितना भी हो, लेकिन शुल्क 100 रुपया ही लगेगा।

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