"> ");

फेसबुक के कमेन्ट बॉक्स में मिले और खड़ा कर दिया लाखों का बिजनेस, रियल लाइफ में सिर्फ एक बार मिले

हर कामयाब शख़्स ने कभी न कभी बुरा वक़्त तो देखा ही होता है। पर अगर हमारे भीतर वो ज़ज़्बा और दृढ़ निश्चय हो तो कितना भी बुरा वक़्त हो दूर हो ही जाता है। कोई भी सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन मेहनत तो करनी ही पड़ती है। आपकी स्थिति चाहे जैसी भी हो पर कहते हैं अगर आपके पास कोई कला है तो वो आपको भूखे नहीं रहने देगी। हमारी आज की कहानी ऐसे दो दोस्तों की है जिन्होंने अपनी नौकरी छोड़ अपना खुद का कारोबारी साम्राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया और आज एक सफल स्टार्टअप ... Read moreफेसबुक के कमेन्ट बॉक्स में मिले और खड़ा कर दिया लाखों का बिजनेस, रियल लाइफ में सिर्फ एक बार मिले
 
फेसबुक के कमेन्ट बॉक्स में मिले और खड़ा कर दिया लाखों का बिजनेस, रियल लाइफ में सिर्फ एक बार मिले

हर कामयाब शख़्स ने कभी न कभी बुरा वक़्त तो देखा ही होता है। पर अगर हमारे भीतर वो ज़ज़्बा और दृढ़ निश्चय हो तो कितना भी बुरा वक़्त हो दूर हो ही जाता है। कोई भी सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन मेहनत तो करनी ही पड़ती है। आपकी स्थिति चाहे जैसी भी हो पर कहते हैं अगर आपके पास कोई कला है तो वो आपको भूखे नहीं रहने देगी। हमारी आज की कहानी ऐसे दो दोस्तों की है जिन्होंने अपनी नौकरी छोड़ अपना खुद का कारोबारी साम्राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया और आज एक सफल स्टार्टअप का नेतृत्व कर रहे हैं। इन 2 दोस्तों की कहानी में अनोखी बात यह है की यह दोनों दोस्त फेसबुक के एक कमेन्ट बॉक्स में मिले और असल जिंदगी में सिर्फ एक बार मिले है।

छतीसगढ़ के रायपुर जिला के रसेला के रहने वाले दिनु दास और राजस्थान के भीलवाड़ा जिला के काछोला के रहने वाले युवराज व्यास की मुलाक़ात एक फेसबुक पोस्ट पर हुई थी। दोनों एक दूसरे से बहुत दूर होने के बावजूद फोन कॉल पर लगातार संपर्क में रहते थे और अब एक सफल स्टार्टअप होने के बाद भी दोनों अपने – अपने शहर ही रहते है और अभी तक सिर्फ एक बार मिले है।

दिनु एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। दिनु गाँव में ही मोबाइल रिपेयर की दूकान चलाते थे और इसके साथ ही यूट्यूब और ऑनलाइन माध्यम से ब्लॉगिंग सीखते थे। इधर युवराज भी अपने मोबाइल से सीख रहे थे.

दोनों का इंटरेस्ट एक ही होने की वजह से दोनों फेसबुक पर एक ब्लॉगिंग से जुड़े फेसबुक ग्रुप के कमेन्ट बॉक्स में मिलते है. दोनों की बातचीत इतनी आगे बढ़ती है की दोनों साथ में अपनी ऑनलाइन वेबसाइट बना लेते है. लेकिन उसका कुछ रिलज्ट उन्हें नहीं मिलता.

इसके बाद भी दोनों दोस्त प्रायः नए-नए बिज़नेस आइडियाज पर बातचीत करते थे। वह अलग-अलग देशों में उभर रहे कारोबार पर गहन विचार-विमर्श करते और साथ ही भारतीय बाज़ार के संदर्भ में कौन सा बिज़नेस क्रांतिकारी साबित हो सकता है, इसपर काफी शोध किया करते थे।

दोनों को काफी आइडिया मिल रहे थे काम करने के लिए लेकिन उनमे सबसे बड़ी दिक्कत पैसा था. पैसे की दिक्कत इतनी थी की युवराज के पास तो लैपटॉप भी नहीं था. दिनु को युवराज की मेहनत दिखी और उन्होंने अपनी सेविंग और कुछ पैसे उधार लेकर अपने दोस्त के लिए रायपुर से लैपटॉप भेजा.

फरवरी 2016 में मिले दोनों दोस्त 2017 तक काफी वेबसाइट बनाते है और असफल रहते है. उनका एक भी आइडिया काम नहीं कर रहा था. दोनों रात – रात भर काम करते लेकिन दोनों को ही पास एक साल बाद भी अपने घरवालों को दिखाने के लिए कुछ नहीं होता है.

2017 के शुरूआती दिनों में युवराज और दिनु चीन की कंपनी अलीबाबा के साथ अपना काम शुरू करते है और कुछ ही दिनों में जब अलीबाबा अपना नया प्रोडक्ट यूसी न्यूज इण्डिया में लॉन्च करती है तो वो इंडिया में एक टेलेंट हंट आयोजित करती है. दोनों दोस्तों की वेब को इस कम्पीटीशन में इंडिया में फ़र्स्ट प्राइज मिलता है और 1.50 लाख़ रूपये की प्राइस मनी मिलती है.

अलीबाबा के साथ काम करते – करते यह अपना कंटेंट 2 महीने में ही करोड़ो लोगों तक पहुचा देते है.

इसके बाद दोनों दोस्त अपनी कंपनी रजिस्टर करवाते है और अलीबाबा के साथ ही काम शुरू कर देते है. अपनी मेहनत से कुछ दिन पहले अपना इंटरनेट रिचार्ज नहीं करवा पाने वाले लड़के अब लाखों में कमाई कर रहे थे. इसके बाद दिनु अमेजन के साथ काम शुरू करते है और युवराज इंडिया की अलग – अलग कंटेंट प्लेटफार्म के साथ अपनी कंपनी की पार्टनरशिप करते है.

आज इनकी कंपनी इंडिया की बड़ी – बड़ी कंटेंट एजेंसी के साथ काम कर रही है और इसके साथ ही अमेजन अमेरिका के साथ काम कर रहे है.

इसके साथ ही दिनु दास फेसबुक पर काफी लोगों की मदद कर रहे है उनको आत्मनिर्भर बनाने में और युवराज व्यास ने भागते दौड़ते जीवन में रिश्तों को बचाने के लिए Gazab Hai नामक एक पोर्टल बनाया और उस पर केवल हिंदी भाषा के लोगों के लिए कोट्स उपलब्ध करवाने लगे। बता दें इस पोर्टल से मात्र कुछ दिनों के भीतर ही करीबन 50 हजार लोग जुड़ चुके थे। आज अपने काम के साथ – साथ युवराज लिखते भी है इसी वजह से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उनके 2 लाख से ज़्यादा प्रशंसक है

From around the web