Manoj Bhargava Biography in Hindi : एक सन्यासी से अरबपति बनने की कहानी

मनोज भार्गव एक ऐसी हस्ती है जिसका जीवन एक फ़िल्मी चरित्र की तरह है ,जो पढाई बीच में छोड़ता है ,अध्यात्म की तरफ जो झुकता है ,जो न्यूयोर्क में टैक्सी चलाता  है ,जो उद्योग लगाता  है ,फिर बेचता है और अंत में ऐसा व्यवसाय डालता है है कि कुछ ही वर्षों में करोड़ों का मालिक बन जाता है। ऐसे अद्भुत व्यक्तित्व के स्वामी की कहानी भारत से प्रारम्भ होती है।

Manoj Bhargava Biography in Hindi

प्रारंभिक जीवन : मनोज भार्गव का जन्म 1953 में लखनऊ भारत में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा महानगर बॉयज़ इंटर कॉलेज ( वर्तमान में इसका नाम मोंट फोर्ट कॉलेज ) लखनऊ में हुई थी। जब वह 14 वर्ष के थे, उनका पूरा परिवार 1967 में Philadelphia US में स्थानांतरित हो गया। चूँकि मनोज भार्गव गणित में काफी होनहार थे, उन्हें गणित में छात्रवृत्ति मिली जिसके कारण उनका प्रवेश द हिल स्कूल में हो गया। बाद में उनका प्रवेश Princeton University में वर्ष 1972 में हुआ जहाँ उन्होंने 1 वर्ष तक ही शिक्षा ग्रहण की और पढाई छोड़ दी। इसके बाद वह भारत वापस लौट गए  और हंसलोक आश्रम से 12 वर्ष तक जुड़े रहे और इस दौरान वे अमेरिका और भारत के बीच आते जाते रहे और इस बीच उन्होंने अनेक कार्यालयों और निर्माण कार्यों में भी कार्य किया। अन्ततः वे अमेरिका वापस लौट गए और अपने परिवार के व्यवसाय से जुड़ गए। उनका परिवार पी.वी.सी निर्माण का व्यवसाय में पहले से ही लगा हुआ था। वर्ष 1990 में उन्होंने एक कंपनी खरीदी जो बाहरी  फर्नीचर के  हिस्से बनाया करती थी। अपनी परिवार की कंपनी को कड़ी  मेहनत  से 20 मिलियन की कंपनी बना दिया। अंत में 2007 साल में उन्होंने इसको 22 मिलियन डॉलर में बेंच  दिया।

Manoj Bhargava inspirational success story

एक बार मनोज एक ट्रेड फेयर में गए  जहाँ उन्हें उम्मीद थी कि कोई नयी तक्नीक उनके हाथ आ सकती थी। लगातार मीटिंग्स कारण  मनोज काफी थक गए थे और जहाँ उनकी अगली मीटिंग होने वाली थी उन्होंने तरोताजा होने के लिए कुछ पीने  के लिए माँगा जिससे कि उन्हें ऊर्जा प्राप्त हो सके । उन्हें गिलास में जो पीने के लिए दिया गया उसको पीने के बाद लगभग आठ घंटे तक वो तरोताजा रहे और बड़े आसानी काम को निपटाया तुरंत ही उनके मन में ये ख्याल आया कि मै इस पदार्थ को मार्किट में बेच सकता हूँ ।

उन्होंने अपना सारा समय इस ड्रिंक का फार्मूला तैयार करने में लगाया. तीस दिनों के बाद उनका एनर्जी ड्रिंक का फार्मूला तैयार हुआ जिसका नाम उन्होंने पांच आवर एनर्जी रखा अमेरिकन बाजार में पहले से ही कई कोल्ड ड्रिंक बिक रही थी इसलिए उनके सामने यह समस्या थी की बोतल का आकर और दाम क्या रखा जाये ? इस लिए उन्होंने बोतल का आकर छोटा रखा जिससे पेप्सी और कोक जिस बर्तन में ठंडा किया जाते है  वैसे बोतल में आ सकती थी  बोतल का आकर छोटी रखने का तर्क था कि जरुरी नहीं है की प्यासा होने पर ही  बड़ी बोतल की कोई आवशयकता नहीं है बोतल का आकर छोटी रखने का एक फायदा ये भी था की फुटकर विक्रेता उन्हें फ्रीजर  के बाहर रख सकते थे ऐसा करने से  में लोग इस प्रोडक्ट को देख सकते थे। बाजार में जब  एनर्जी को लांच किया गया तब उम्मीद नहीं थी की  कुछ ही महीनो में अमेरिका में   ज्यादा बिकने वाली एनर्जी ड्रिंक बन जाएगी। मनोज भार्गव की इस सफलता का कारण सहज बुद्धि और हम कर  सकते है की भावना को दिया।  पांच ऑवर एनर्जी साल  २००० में लांच किया गया एक बोतल  का दाम तीन डॉलर रखा गया।  पैसठ कर्मचारी कार्यालय में तथा २५० कारखाने में काम करते थे सं २०१४ तक इनका व्यवसाय १.२५ बिलियन डॉलर तक पहुंच गया  पांच ऑवर एनर्जी के उपभोक्ता अधिकतर वे लोग थे जो मेहनत का काम करते थे जैसे ट्रक चलने वाले, खिलाडी, सैनिक।  बहुत से लोग स्वाद के लिए , शौक के लिए पीते थे इस ड्रिंक में एमिनो एसिड, कैफीन, विटामिन बी इत्यादि पदार्थ थे। इसके पीने से दिमाग की एकाग्रता बढ़ती है और लोगो को ऐसा आभास होता है।  मनोज भार्गव का कहना है की इसका कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है।  बराह साल के अधिक उम्र  के लोग दो बोतल प्रतिदिन पी  सकते हैं गर्भवती स्त्रियों को पीना मना  है वर्तमानं में कंपनी का व्यवसाय ४ बिलियन पहुँच चूका  है  जिसमे ८० % हिस्सेदारी मनोज भार्गव की है।

Manoj Bhargava Success Story

भविष्य की योजना – जब मनोज भार्गव से पूछा गया की आप इन रुपयों का क्या करेंगे तब उनका जवाब था कि मै पहले ही अपनी कमाई का ९९% हिस्सा दान देने के लिए वचन दे चूका हूँ वर्तमान  दो काम मुख्य  रहे हैं अगले दस सालो में 5000 करोड़ रूपये चैरिटी में भारत में लगेगा।  कुछ रूपए ऐसे प्रोजेक्ट्स में लगा रहे है इससे दुनिया की गरीब आबादी को फायदा मिल सके। उनके २३ साल के बेटे का कहना है की वो अपने बेटे को पैसे देकर उसे बर्बाद नहीं करना चाहिए। चैरिटी करने के लिए उन्होंने एक NGO बनायीं है जो भारत में ऐसी NGO को  जो अच्छा काम कर रही है और उनको आर्थिक मदद की जाती है मनोज निम्न कार्यो पर भी काम कर रहे है

  • एक ऐसी मशीन खारे  पानी को सस्ते तौर पर पीने  योग्य बना देगी
  • एक ऐसी साईकिल बनायीं गयी है जिसे अगर हम एक घंटा चलाएंगे तो वह चौबीस घंटे बिजली देगी
  • एक ऐसा यंत्र को बनाया गया  है जो शरीर में खून के बहाव को बेहतर बना देगी जिससे कई बीमारिया होंगी नहीं

 

दोस्तों उम्मीद करते है की आपको Manoj Bhargava Biography in Hindi और Manoj Bhargava Success Story in Hindi से जुड़ी हुई जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर आपके Manoj Bhargava Biography in Hindi और  Manoj Bhargava Success Story in Hindi से जुड़ी हुई और कोई जानकारी है तो आप हमे Comment में जरुर बताएं।

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