अपनी कप्तानी में विराट कोहली ने लिए है ये 5 गलत फैसले

दोस्तों आपका बहुत – बहुत स्वागत है, आज की हमारी इस खबर में हम आपको भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के ऐसे 5 फैसलों के बारे में बता रहे है. जो उनकी कप्तानी में गलत साबित हुए है.

सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारतीय टीम की कप्तानी विराट कोहली के हाथो में आई। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2015 से और छोटे फॉर्मेट में 2017 से कप्तानी संभाले। रिकॉर्ड के नजरिए से अभी तक विराट कोहली भारतीय टीम के लिए एक सफल कप्तान बनने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

सफलता के बीच विराट कोहली ने कुछ ऐसे फैसले भी अपनी कप्तानी में के लिए जोपर सवाल उठना लाजिमी हो जाता है। लगभग 3 साल से विराट कोहली तीनो फॉर्मेट में भारतीय टीम के कप्तान रहे हैं, लेकिन इस बीच उन्होंने टीम को एक भी आईसीसी का ख़िताब नहीं जिताया है।

आज हम आपको विराट कोहली के द्वारा बतौर कप्तानी में किए गए 5 बड़े फैसलों के बारें में बताने जा रहे हैं। जो गलत साबित हुआ और उसके कारण टीम को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। इन स्थितियों में कुछ ऐसे समय में हुए जिन्हें भारतीय फैन्स कभी नहीं भूल सकते हैं।

1. नंबर 4 की समस्या को समाधान ना मिलना

बतौर कप्तान पहली जिम्मेदारी होती है की आप ये देखें की किस बल्लेबाज को किस नंबर पर खेलने का मौका देना चाहिए और उसे पर्याप्त मौके भी दिए जाने चाहिए। लेकिन नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए कोई एक बल्लेबाज पर विराट कोहली नहीं आ सका और इस नंबर पर कई खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है।

कोहली ने किसी भी खिलाड़ी को इस नंबर पर खेलने के पूरे मौके दिए बिना ही बदलाव किए। जिसके कारण इंग्लैंड में जब भारतीय टीम विश्व कप के लिए पहुँच गयी। उसके बाद भी पता नहीं चल पाया कि किस खिलाड़ी को नंबर 4 पर खेलने का मौका मिल सकता है।

विश्व कप के दौरान भी विराट कोहली ने नंबर 4 पर 4 खिलाड़ियों को खेलने का मौका दिया। जिसका नतीजा ये आया की जब टीम को अपने नंबर 4 के बल्लेबाज की जरूरत पड़ी तो मौके पर उस नंबर पर खेल रहे युवा पंत टीम को मुश्किल से निकालने में नाकाम रहे।

2.टीम चयन में बार-बार गलती करना

ऐसे कई मौके विराट कोहली केक्षितानी में आये जब उन्होंने प्लेइंग इलेवन चुनने में गलती कर दी हो। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान अजिंक्य होने को पहले मैच से बाहर बैठा दिया गया था। मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद उसी श्रृंखला के दौरान भुवनेश्वर कुमार को भी अच्छे प्रदर्शन के बाद बाहर बैठा गया।

इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के दौरान चेतेश्वर पुजारा को टीम से बाहर बैठा दिया गया। जिसके बाद भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। उसके बाद विश्व कप के दौरान उन्होंने फॉर्म में जा रहे मोहम्मद शमी को सेमीफ़ाइनल मैच में बिठा कर उनकी जगह भुवनेश्वर कुमार को मौका दे दिया।

इन सभी मौके पर भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था. जबकि ये सभी मैच भारतीय टीम के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण रहे हैं. लेकिन विराट की गलती के बजह से टीम को मैच हारना पड़ा.

3. टी20 फ़ॉर्मेट में ज्यादा आलराउंडर की मांग करना

पिछले कुछ समय में भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा था कि उन्हें टी 20 फॉर्मेट में अब ज्यादा गेंदबाजो की जरूरत नहीं है। हमें अब आलमउंडर खिलाड़ियों को मौका देना चाहिए। इसके अलावा इस फॉर्मेट में हमारी बल्लेबाजी बहुत अधिक लंबी हो सकती है और हम बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

लेकिन ये फैसला भी विराट कोहली का गलत ही साबित हो गया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी मैच में बुरी तरह मिली हार के बाद भारतीय टीम को अपने इस फैसले पर फिर से चर्चा करनी पड़ी। जिसके बाद उसके परिवर्तन से पहले हमें बांग्लादेश के खिलाफ देखने को मिला।

अब वेस्टइंडीज के खिलाफ एक बार फिर से टीम में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की वापसी हो गयी। जिससे साफ पता चलता है कि की टीम और विराट कोहली के द्वारा पहले लिया गया फैसला पूरी तरह से फेल हो गया है।

4.चैंपियंस ट्रॉफी 2017 के फ़ाइनल में गलती करना

जब विराट कोहली टीम के कप्तान बने तो कुछ स्तन बाद ही चेनियन्स ट्रॉफी इंग्लैंड में खेली गयी। जहाँ पर भारतीय टीम ने बहुत ही शानदार प्रदर्शन किया। जिसके कारण हमने आसानी से फ़ाइनल में अपनी जगह बना ली थी। लेकिन हमें फ़ाइनल के मैच में हार का सामना करना पड़ा।

बड़े मैचों के बारे में कहा जाता है कि पहले बल्लेबाजी करना बहुत अच्छा फैसला माना जाता है। ऐसा करने से दवाब बहुत ज्यादा नहीं होता है। लेकिन विराट कोहली ने चेनियंस ट्रॉफी के फ़ाइनल में टॉस जीतकर भी पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। जिसके कारण टीम को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा।

कप्तान कोहली के इस एक बड़े धुंध के कारण हाथ में आया एक खिताब भारतीय टीम नहीं जीत पाई। जबकि पाकिस्तान की टीम ने सरफराज अहमद केक्षितानी में जंजीरों ट्रॉफी के खिताब पर कब्ज़ा जमा लिया।

5.विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में महेंद्र सिंह धोनी को नंबर 7 पर भेजना

इस बार भी भारतीय टीम ने विश्व कप में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। जिसके कारण उन्होंने सेमीफ़ाइनल में जगह बनायीं थी। लेकिन वहां पर उनका सामना न्यूजीलैंड की टीम से हुआ। यहाँ पर भारतीय टीम टॉस हार गयी जिसके कारण उन्हें पहले गेंदबाजी करनी पड़ी।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने शुरूआती विकेट गँवा दिए थे। उस समय अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा गया, बल्कि उन्हें नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया। जो बहुत ही गलत निर्णय साबित हुआ। ये मैच भी भारतीय टीम हार गया।

बाद में कहा गया की ये फैसला बल्लेबाज़ी कोच संजय रायपुरर ने लिया था। लेकिन कप्तान के मौजूद रहने पर अंतिम फैसला उन्ही का होता है। इसलिए इसके लिए संजय तगड़े नहीं बल्कि खुद भारतीय कप्तान विराट कोहली ही जिम्मेदार थे।

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