एनीमिया, कमजोर याददाश्त, कब्ज और पुराने से पुराने बुखार का काल है ये पौधा, जाने सेवन विधि

आज हम जिस पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, उसका नाम गिलोय है। गिलोय को आयुर्वेद में अमृत बोला जाता है। गिलोय एक प्रकार की बेल होती है। औषधि के रूप में इसकी जड़, तना और पत्तियां सभी आतीं हैं। गिलोय की पत्तियों के आधा गिलास रस में मिश्री मिलाकर पीने से शरीर से खून की कमी दूर हो जाती हैं।

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अगर किसी व्यक्ति की याददाश्त बहुत कमजोर है तो उसे गिलोय की जड़, पत्ती और तना की समान मात्रा लेकर काढ़ा बना लें और उस काढ़े का सुबह -शाम सेवन करने से खोई हुई याददाश्त भी वापस आ जाती है। कब्ज की समस्या के लिए गिलोय की पत्तियों को सुखाकर उनका चूर्ण बना लें और इस चूर्ण में थोड़ा सा सोंठ का पाउडर मिलाकर सेवन करने से कब्ज की समस्या ख़त्म हो जाती है।

अगर किसी व्यक्ति को बुखार नहीं छोड़ रहा है, तो इसके लिए गिलोय की जड़, अदरक का जूस और पीपल की छाल को समान मात्रा में लेकर अच्छी तरह से पीसकर एक लीटर पानी में उबाल लें और जब पानी चौथाई रह जाए, तो उतार कर ठंडा कर लें और किसी बोतल में भर लें। इसके बाद इस काढ़े को सुबह शाम 10-20 मिलीलीटर पिए। इससे पुराने से पुराना बुखार ख़त्म हो जाता है। इसके अलाबा गिलोय कई और भी बीमारियों में बहुत ही लाभ पहुंचाती है।

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