क्या आप जानते है माता लक्ष्मी क्यों दबाती है भगवान विष्णु के पैर, छुपा है गहरा राज

आपने जब भी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की फोटो साथ में देखी होगी. तब आपने हमेशा माता लक्ष्मी को हमेशा विष्णु भगवान के पैर दबाते हुए ही देखा होगा. लेकिन आप इसके पीछे की सच्चाई के बारे में नहीं जानते होंगे. आज हम आपको इसके पीछे की सचाई के बारे में बता रहे है.

सृष्टि के तीन प्रमुख भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव को माना गया है . ब्रह्मा देव ने इस सृष्टि की रचना की थी.भगवान विष्णु ने इस सृष्टि का संचालन करते हैं और महादेव संहार करते हैं. जब धरती पर अधर्म ज्यादा बड़ जाता है तो तब भगवान स धरती पर अवतार लेकर अधर्म का नाश भी करते हैं.भगवान हरि का निवास स्थान क्षीर सागर है जो कि संसार की सुख-दुख दोनों से भरा हुआ माना जाता है.

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भगवान विष्णु शेषनाग पर बैठे हुए हैं उसके कई फन है जो कि कई सारी जिम्मेदारियां से घिरे हुए हैं. यह हमारे ग्रहस्थ जीवन का संकेत देता है.भगनवान विष्णु हमेशा शेषनाग पर लैटे हुए हंसते रहते हैं. उनके हंसने के पीछे का कराण है कि हमारे ऊपर कितनी भी जिम्मेदारियां क्यों ना हो परंतु हमेशा खुश रहना चाहिए धैर्य रखना चाहिए. भगवान हरि की पत्नी लक्ष्मी उनकी सेवा में उनके पैर दबाती रहती हैं उसका मतलब है कि एक परिवार को खुशहाल रखने के लिए प्रम की अवाश्यकता होती है. इसीलिए मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के निकट रखकर उनके पैर दबाती हैं,इसीलिए प्रेम में कोई भी लालच या मोह नहीं देखना चाहिए.

दूसरा कारण

कहानी के अनुसार एक दुसरा का यह भी है कि माता लक्ष्मी की बड़ी अलक्ष्मी भी हैं. इन दोनों बहनों में यह अंतर है कि मां लक्ष्मी के पास धन, खूबसूरती सौभाग्य और वैभव किसी बात की कमी नहीं हैं वहीं इनकी बड़ी अलक्ष्मी दिखने में करूप हैं भयानक रुप है उनका, बाल बिखरे हुए, रंग काला है. दांत लंबे लंबे हैं. यह दरिद्रता और दुर्भाग्य की देवी हैं इनकी शादी भी नही हुई है.. इनके बारे में बताया है कि यह अपनी करूपता को देखकर मां लक्ष्मी से नफरत करती हैं जिसके कारण यह हमेशा उनका पीछे करती है. वह जा जाती है उनके पीछे पीछे चली आती है.

यहा तक जब लक्ष्मी विष्णु भगवान के साथ होती हैं तो वह वहां भी पहुंच जाती हैं. इस बात पर नाराज होकर माता लक्ष्मी ने उनसे कहा कि तुम मेरे पति के पास क्यों आती हैं. हमें अकेला क्यों नहीं छोड़ती हो. इसी बात पर अलक्ष्मी बोली मेरा कोई पति नहीं है मुझे कोई पसंद नही करता है इसीलिए जहां तुम जाओंगी मैं भी वहीं जाऊंगी . इस बात बात गुस्सा होकर मां लक्ष्मी ने उनको श्राप दिया कि “मृत्यु के देवता तुम्हारे पति होंगे और जहां भी गंदगी, ईर्ष्या, लालच, आलस, रोष और अस्वच्छता रहेगी, तुम वास वहीं होगा.

इसी वजह से माता लक्ष्मी भगवान विष्णु के पैरों में बैठकर उनकी रक्षा करती हैं ताकि कोई और स्त्री उनके निकट ना आएं. इसीलिए कहा जाता है जहां भी मां लक्ष्मी जाती है वहां अलक्ष्मी जरुर आती हैं.जहां पर सफाई व पूजा पाठ होती है वहा ंमां लक्ष्मी का वास माना जाता है.

वहीं जो लोग घर में गंदगी रखते हैं साफ सफाई नही ंरखते हैं.घर में कलेश रहता है वहा अलक्ष्मी का निवास होता है. अल्क्षमी अभी भी बाहर लक्ष्मी के जाने की प्रतिक्षा करती है कि लक्ष्मी घर से बाहर जाएं और मैं इस घर में प्रवेश करुं.लोगों को अपने घर से अलक्ष्मी को दूर रखने के लिए रोज पूजा, अगरबत्ती व साफ-साफाई रखनी चाहिए.

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