चल रही थी अंतिम संस्कार की तैयारी, कफ़न हटाया तो उड़ गए होश

आपने आपके जीवन में ऐसे बहुत से हैरतअंगेज काम देखें होंगे लेकिन आज की हमारी इस खबर से आपके होश ही उड़ जाएंगे आपने आपके जीवन में आज तक ऐसा नहीं देखा होगा जो आज की हमारी इस खबर में हम आपको बता रहे है

अस्पतालों में लापरवाही के मामले अकसर सामने आते रहते हैं. ऐसे में इन मामलों का जिम्मेदार किसे ठहराया जाए, अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारी या अस्पताल की लचर व्यवस्था. ऐसी ही एक घटना हाईटेक सिटी नोएडा में घटी है. जहां पर एक बार फिर से अस्पताल प्रशासन लापरवाही सामने आई है. आपको बताते चलें कि यह घटना गोपाल बुद्ध नगर जिले की बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के महावर की है. यहां रहने वाली 54 वर्षीय महिला बाला देवी किडनी और लीवर की समस्या से परेशान थी. परिवार ने उन्हें नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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इनकी मौत की सूचना कर्मचारियों ने घरवालों को दिया और शव को सील करके मोर्चरी में रख दिया. महिला का शव लेने के लिए लोग अस्पताल पहुंचे और उसे मोर्चरी से निकलवाकर घर ले गए. महिला के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी. इसी बीच शव को नहलाने के लिए कपड़ा हटाया गया तो नजारा देख लोगों के होश उड़ गए. दरअसल यह शव महिला का नहीं बल्कि किसी पुरुष का था। इसके बाद परिजनों सहित ग्रामीण आक्रोशित हुए थे, और सीधा अस्पताल पहुंच गए. अस्पताल पहुंचने के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया. किसी तरह अस्पताल प्रशासन ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और दोबारा जांच करके महिला के शव को परिवार वालों को सौंप दिया.


हालांकि महिला के परिवार वालों से रिपोर्ट दर्ज कराने की बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल वालों ने माफी मांग ली है. इस वजह से कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराया गया. इस घटना के बारे में फोर्टिस अस्पताल के प्रबंधन का कहना है कि उस दिन 15 मिनट के अंतराल में दो मौतें हो गई थी. जिसमें से एक पुरुष और 1 महिला थी. पुरुष का शव लेने आए परिवार वालों से शव की शिनाख्त करने के लिए कहा गया परंतु वह शिनाख्त किए बिना ही महिला के शव को उठा ले गए. जिस वजह से यह गड़बड़ी हो गई.

आप अस्पताल के इस प्रबंधन के बारे में क्या कहना चाहेंगे हमे कमेंट में अवश्य बताए. और इस खबर को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे. ताकि कम से कम इस खबर को पढ़कर तो किसी ना किसी में जागरूकता आ जायेगी.