त्‍योहारी सीजन में करने वाले हैं ट्रेन से सफर? जान लीजिए रेलवे के नए नियम

त्यौहारी सीज़न की शुरुआत होने वाली है। इसके लिए रेलवे ने भी कमर कस ली है। रेलवे की ओर से कई शेशल ट्रेनों को चालू किया जा रहा है, तो यात्रियों के लिए भी कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।

यह नहीं मानने वालों को जुर्माने या कारावास की भी नौबत आ सकती है। रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यात्रा के दौरान संकाय और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है।

वहाँ, मा को केवल फैशन के लिए पहनने वालों पर भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा कोविड पॉजिटिव घोषित किए जाने के बावजूद रेलवे स्टेशन या ऐसे ही अन्य क्षेत्र में प्रवेश करना और ट्रेन में चढ़ना भी कार्रवाई के दायरे में आता है।

रेलवे की गाइडलाइन के मुताबिक कोरोनावायरस की जांच कराए जाने के बाद रिपोर्ट आने से पहले ही रेलवे स्टेशन या ऐसे ही क्षेत्र में प्रवेश करने या ट्रेन पर चढ़ने वालों पर आप लग सकते हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य जांच टीम द्वारा यात्रा की इजाजत नहीं देने के बावजूद ट्रेन में सवार होने और सार्वजनिक स्थल पर मूल्यों कर थूकना या पेशाब या शौच करना भी सजा के दायरे में आता है।

रेलवे के मुताबिक ऐसी कनेक्टिविटीयां जो रेलवे स्टेशनों और रेलगाड़ियों में कचरा फैलती हों या फिर सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हों, ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे के दिशानिर्देशों पर नहीं मानने पर रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 145, 153 और 154 के तहत कारावास या भय की सजा का प्रावधान किया गया है। कहने का मतलब ये है कि यात्रा नियमों को तोड़ने पर आप जेल जा सकते हैं।

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