फ्रांस के खिलाफ इमरान खान ने उठाया बड़ा कदम, लोगों के दबाव में आकर लिया ऐसा पंगा

पाकिस्तान की इमरान खान (Imran Khan) सरकार ने एक बार फिर कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेक दिए हैं. पिछले दो दिनों से राजधानी इस्लामाबाद को बंधक बनाये हुए कट्टरपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक (Tehreek-e-Labbaik) के आगे सरेंडर करते हुए सरकार ने उसकी सभी मांगों को मान लिया है. जिसमें फ्रांस के राजदूत (French ambassador) का निष्कासन सबसे प्रमुख है.  

Imran Khan: Pakistan PM Imran Khan Proposes Chemical Castration And Public Hanging Of Rapists

फ्रेंच उत्पादों का बहिष्कार
पाकिस्तान सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक से वादा किया है कि वो जल्द ही कानून बनाएगी, ताकि फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित किया जा सके. इसके अलावा, पाकिस्तान अपना कोई राजदूत फ्रांस नहीं भेजगा. इतना ही नहीं, सरकारी स्तर पर फ्रेंच उत्पादों का बहिष्कार भी किया जाएगा. तहरीक-ए-लब्बैक के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं की सुरक्षित रिहाई पर भी सरकार सहमत हो गई है.  

फ्रांस में मोहम्मद पैगंबर के कार्टून को लेकर हुए विवाद के बाद से पाकिस्तान में फ्रांस के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. पिछले दो दिनों से तहरीक-ए-लब्बैक के सैंकड़ों कार्यकर्ता राजधानी इस्लामाबाद को एक तरह से बंधक बनाये हुए थे. जिसके बाद इमरान सरकार के मंत्रियों ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और उनके सामने झुकते हुए सभी मांगों को चुपचाप स्वीकार कर लिया. 

तीन महीने में कानून
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ब्रिगेडियर आर एजाज शाह और धार्मिक मामलों के मंत्री नूर-उल-हक कादरी ने बातचीत की और दोनों पक्षों में हुए समझौते पर हस्ताक्षर किये. इस समझौते में साफ किया गया है कि सरकार तहरीक-ए-लब्बैक की सभी मांगों को मानने के लिए तैयार है. समूह के प्रवक्ता ने चार सूत्री समझौते की प्रति साझा करते हुए बताया कि सरकार फ्रांस के राजदूत के निष्कासन के मुद्दे को संसद में रखेगी तथा तीन महीने के भीतर आवश्यक कानून लाएगी. 

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