महाभारत के ये 3 श्राप थे सबसे शक्तिशाली, एक बार जरुर देखे

महाभारत के युद्ध के दौरान कई मुनियों और महिलाओं ने अनेक लोगों को श्राप दिया था आज हम आपको तीन ऐसे श्रापों के बारे में बताएंगे जो आज भी धरती पर मौजूद हैं

ऋषि श्रृंग का श्राप

महाभारत समाप्त होने के बाद जब पांडव अपना राज्य छोड़कर हिमालय में जाने लगे थे तो वह अपना सारा राज अर्जुन के पुत्र परीक्षित को दे गए थे। राजा परीक्षित के राज के कारण कलयुग धरती पर आ नहीं रहा था। इसके चलते कलयुग सबसे पहले राजा परीक्षित पर हावी हुआ और उसके द्वारा श्रृंग ऋषि के गले में सांप डलवा कर कुकर्म करवाया।

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इस कर्म के कारण ऋषि श्रृंग ने परीक्षित को 7 दिन में मरने का श्राप दे डाला जब परीक्षित की मृत्यु हुई तो उसके बाद ही कलयुग धरती पर आया था।

युधिष्ठिर का श्राप

महाभारत काव्य के अनुसार जब महाभारत युद्ध ख़त्म हुआ तो पांडवों की माता कुंती ने कर्ण का रहस्य पांडवों को बताया युधिष्ठिर ने जब इस रहस्य को सुना तो उसे बहुत दुख हुआ और उसने महिलाओं को श्राप दिया कि कोई भी महिला अपने अंदर किसी भी रहस्य को ज्यादा समय के लिए छुपा नहीं सकेगी।

श्री कृष्ण का श्राप

महाभारत के युद्ध के दौरान जब गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने पांडवों के ऊपर ब्रह्मास्त्र का उपयोग किया था तो इससे धरती पर बहुत नुकसान हुआ। इस नुकसान को देखकर भगवान श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को श्राप दिया कि वह 2 करोड साल तक भटकता रहेगा इस श्राप के कारण अश्वत्थामा आज भी धरती पर मौजूद है।

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