मानव के दिमाग से जुड़ी हुई 7 बातें जो आपके भी होश उड़ा देगी

मानव दिमाग कम्प्यूटर से भी ज्यादा तेज होता है पर क्या आपको पता है कि हमारे दिमाग से जुडी कुछ ऐसी बातें भी हैं, जिन पर विश्वास करना बहुत मुश्किल होता है। आज हम आपको मानव दिमाग की 7 ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपके होश उड़ा देंगी। इन बातों के बारे में आपको बिल्कुल भी नहीं पता होगा।

7. हम हंसते क्यों हैं?

क्या आप जानते हैं कि मनुष्य हंसता क्यों है? सिर्फ इंसानों को ही यह क्षमता प्राप्त है, पर हम ऐसा क्यों करते हैं? इसके बारे में बहुत-सी बातें बताई जाती हैं। मगर सच यह है कि आज तक इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि हम हँसते क्यों हैं? जिसके दिमाग में ज्यादा IQ होता है, वो उतने ज्यादा सपने देखता है और वो उतना ही ज्यादा होशियार होता है। अल्बर्ट आइंस्टीन के दिमाग में सबसे ज्यादा IQ पाया गया था। इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया के किम जोंग उन को भी सबसे ज्यादा IQ होने वाले लोगों में गिना जाता है। उन्होंने 2 साल की उम्र में ही चार तरह की भाषाएं सिख ली थीं।

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6. सपनों को दे सकते हैं मनचाहा मोड़

हम सपनों को वो मोड़ भी दे सकते हैं, जो हम चाहते हैं। आप ल्युसिड ड्रीम के बारे में तो जानते ही होंगे। यह सपने देखने का वो तरीका है, जिसमें इंसान पूरी तरह नींद में नहीं होता है। उस वक्त इंसान ऐसा सपना देख रहा होता है कि उसे पता होता है कि वो सपना देख रहा है और वो इस वक्त सपने में है। फिर सपने को वो जैसा चाहे, वैसा मोड़ दे सकता है, मतलब सपने में कोई भी काम कर सकता है।

5. औरतें कर सकती हैं पुरुषों से ज्यादा काम

पुरुषों का दिमाग औरतों के दिमाग की तुलना में 10 प्रतिशत ज्यादा बड़ा होता है। फिर भी महिलाएं पुरुषों से ज्यादा देर तक काम कर सकती हैं, क्योंकि छोटा होने के बावजूद भी उनके दिमाग में पुरुषों के दिमाग से ज्यादा रक्त कोशिकायें होती हैं और कनेक्टर्स भी ज्यादा होते हैं। इस वजह से औरतें पुरुषों से ज्यादा टाइम तक और अधिक बेहतर काम कर पाती हैं। औरतों में भावात्मक पहलु भी ज्यादा काम करता है।

4. दिमाग के हिस्से

आपको बता दें कि हमारे दिमाग के 2 हिस्से होते हैं। दिमाग का दांया और बांया हिस्सा अलग-अलग तरह से काम करता है। दोनों में काफी अंतर होता है। दिमाग का बांया हिस्सा हमें हर चीज प्रैक्टिकल रूप से काम करने में मदद करता है, जबकि दांया हिस्सा हमारी रचनात्मक शक्ति को पैदा करता है। इसके अलावा सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आप अपने दिमाग का एक चौथाई हिस्सा भी खो दें, तो भी आप जिंदा रहेंगे।

3. दिमाग सालों तक जिंदा रह सकता है

जब अल्बर्ट आइंस्टीन की 1955 में मृत्यु हो गई थी, तो डॉक्टर थॉमस हार्वे ने उनकी मृत्यु के साढ़े सात घंटे ब्रैनेक्तोमी की और उनके दिमाग को निकाल लिया था। साल 1978 में एक जर्नलिस्ट स्टेसी लेवी ने जांंच कर बताया कि इतने सालों के बाद भी उनके दिमाग का कुछ हिस्सा जिंदा था और एकदम ठीक भी था।

2. दिमाग रखता है लाइट जलाने की ताकत

हमारे दिमाग में एक लाख से ज्यादा रक्त वाहनिकाएं होती हैं। मानव शरीर की 17 प्रतिशत उर्जा का इस्तेमाल करके और 20 प्रतिशत ऑक्सीजन को इस्तेमाल करके दिमाग 10 से 23 प्रतिशत पॉवर बनाता है, जिससे लाइट जल सकती है। हमारे दिमाग में इतनी क्षमता है कि हम पूरे एनसाइक्लोपीडिया ब्रितामिका को पांच गुना बढ़ जाने के बाद भी रट्ट सकते हैं।

1. दिमाग को दर्द नहीं होता

दिमाग को दर्द नहीं होता है। जी हां, असल में दिमाग में दर्द को महसूस करने के लिए कोई नर्व रिसेप्टर नहीं होते। इसलिए सर्जन patient के दिमाग का ऑपरेशन तब भी कर सकते है जब मरीज होश में होता हैं।