मोम के जैसे पथरी को गलाकर बाहर निकाल देता है यह पौधा, इस्तेमाल करने का तरीका जान ले

दोस्तों आपका बहुत – बहुत स्वागत है. दोस्तों आज के इस समय में बदलती लाइफस्टाइल के कारण पथरी की समस्या बहुत बढ़ गयी है. लेकिन समय रहते हुए अगर ध्यान रखा जाए तो पथरी की समस्या से बचा जा सकता है. बहुत सी बार लोगों को पथरी की समस्या होने के बाद ऑपरेशन करवा लेते है, और बहुत से लोग दवाओं से पथरी का इलाज करवाते है.

लेकिन अगर ध्यान दिया जाए तो ऑपरेशन और दवाओं से तो अमीर लोग इलाज करवा लेते है. परन्तु गरीब लोग ऐसा नहीं करवा पाते है. आज की हमारी यह खबर ऐसे ही गरीब लोगों के लिए वरदान का काम कर सकती है.

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इस पोस्ट में मैं एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसकी सही मात्रा का सेवन करने से किडनी की पथरी हो या पित्ताशय की, दोनों में आराम मिलेगा.। यह पौधा पथरी को मोम की तरह पिघलाकर बाहर निकाल देगा. जी हाँ दोस्तों, उस पौधे का नाम पत्थरचट्टा है. पत्थरचट्टा एक प्रकार का खरपतवार है किन्तु औषधीय गुणों से भरपूर होता है.

पत्थरचट्टा की सेवन विधि किडनी की पथरी के लिए

कितनी की पथरी के लिए आपको पत्थरचट्टा के तीन ताजे पत्तों को ले लें और किसी चीज पर पीस कर चटनी बना लें, और इस चटनी का सुबह खाली पेट और शाम को खाना खाने के एक घंटे पहले लेना है. ऐसा नियमित कुछ दिन करने से किडनी की पथरी मोम की तरह पिघलकर पेशाब के साथ निकल जाती है.

पत्थरचट्टा की सेवन विधि पित्ताशय की पथरी के लिए

पित्ताशय की पथरी इतनी आसानी से नहीं निकलती है. इसके लिए तीन पत्थरचट्टा के पत्तों का रस निकाल लें और उस रस में एक चम्मच शहद और माचिस की तीली में लगे मसाले के बराबर शुद्ध शिलाजीत मिलाकर सुबह शाम पीना है. इस विधि से पित्ताशय की पथरी निकल जाती है.

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