ये आटे जैसी चीज है लिवर, खून की कमी और पेट की समस्यायों का काल, जानिये इसके फायदे

गर्मी के मौसम में सत्तू बहुत ही लाभदायक होते हैं। सत्तू दिखने में आटे जैसी ही होते हैं, किन्तु ये मुख्य रूप से चना, जौ, मटर, गेंहूँ इत्यादि से मिलकर बनाया जाता है। ये खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। सत्तू को चीनी, गुड़ और नमक के साथ खाया जाता है। सत्तू का शर्बत भी बनाया जाता है, जो बहुत ही टेस्टी होता है। आज मैं आपको सत्तू के फायदे बताने जा रहा हूँ। आइये जानते हैं सत्तू खाने के फायदों के बारे में।

1. एनर्जी का स्रोत

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चने के सत्तू में बहुत से मिनरल्स जैसे आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है जो शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देने का कम करता है। विशेषकर तब जब इसमें नींबू और नमक मिलाकर खाया जाय। सत्तू में और भी कई गुण पाए जाते है जो शरीर की थकान मिटाकर एनर्जी देने में मदद करता है।

2. पेट को ठंडा रखे

सत्तू की तासीर ठंडी होती है जिसकी वजह से गर्मियों में इसका सेवन करना लाभकारी होता है। इसमें मौजूद गुण गर्मियों में चलने वाली लू से बचाने में सहायक होते है। यह पेट को ठंडा रखने में भी मदद करते है जिससे पेट से संबंधी कई बीमारियाँ दूर हो जाती है। इसके सेवन से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। इसका अधिकतर लाभ तभी होता है जब इसका सेवन खाली पेट किया जाए।

3. एनीमिया की समस्या

शरीर में आयरन की कमी हो जाने पर एनीमिया की समस्या होती है और सत्तू इसे भी दूर करने की क्षमता रखता है। शरीर में आयरन की कमी होने पर रोजाना सत्तू में पानी मिलाकर पीने या खाने से काफी लाभ होता है। यह समस्या अधिकतर महिलाओं में प्रेगनेंसी के बाद होती है। ऐसे में सत्तू पीना लाभकारी होगा।

4. लिवर के लिए

सत्तू में प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है जो लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत जरुरी होती है। सत्तू के केवल आधे कप में 10 ग्राम प्रोटीन, 178 कैलोरी और 3 ग्राम फैट होता है। खराब खाने, एल्कोहल की अधिक मात्रा का सेवन करने से सबसे अधिक प्रभाव लिवर पर पड़ता है जो भविष्य में कई गंभीर बिमारियों का कारण बनता है। ऐसे में यदि नियमित रूप से सत्तू का सेवन किया जाए तो लिवर और स्वास्थ्य दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है।

5. डायबिटीज की समस्या

सत्तू में मौजूद बीटा-ग्लूकेन शरीर में बढ़ते ग्लूकोस के अवशोषण को कम करता है जिसे ब्लड में शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है। यदि मधुमेह के रोगी नियमित रूप से सत्तू का सेवन करें तो डायबिटीज को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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