संजीवनी बूटी से कम नहीं है यह बेल, बस ऐसे करे इस्तेमाल

दोस्तों प्रकृति ने हमें कई तरह के पेड़ पौधे दिए है. जिनका इस्तेमाल हम औषधि के रूप में कर सकते है. ये प्राकृतिक औषधियां अग्रेजी दवाईया से कई गुणा बेहतर होती है. और इनके कोई साईड इफेक्ट भी नही होते है. अमरबेल एक बेल(लता) है ये पूरे भारत वर्ष में पायी जाती है। ये लता यानि बेल रूपी वनस्पति है। इस वनस्पति में कोई मूल यानी जड़ नहीं होती, क्यूंकि यह जमीन पर नहीं उगती है। यह दूसरे पेड़ पौधों पर फलती फूलती है. और उन्ही से अपना आहार उनके रस को चूस कर लेती है.

बाल झड़ना

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गंजापन होने या बाल झड़ने पर अमर बेल को पीसकर तिल तेल में मिलाकर बालो में लागाने से बाल झड़ना बंद हो जाता है.

दर्द निवारक

आकाश बेल को पीसकर चोट पर लागाने से घाव जल्दी भरते है, सूजन कम होती है और ये दर्द निवारक का कार्य भी करता है.

खूनी बवासीर

बादी या खूनी बवासीर होने पर अमर बेल का रस, जीरा पाउडर को पानी में घोलकर सुबह शाम पीने से लाभ मिलता है.

कद बढ़ाने में

बच्चो के रुके हुए कद बढ़ाने में अमरबेल बहुत असरदार होता है. इसके रस को दूध में मिलाकर पीने से लाभ होता है.

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