2011 वर्ल्डकप में ये थी भारतीय टीम, अब सिर्फ 1 खिलाड़ी है टीम में

दोस्तों आपका बहुत – बहुत स्वागत है, आज की हमारी इस खबर में हम आपको 2011वर्ल्डकप में जो भारतीय टीम थी उसके बारे में बता रहे है. आज उस टीम में जितने खिलाड़ी थे उनमे से सिर्फ एक खिलाड़ी मौजूदा भारतीय टीम में है. उस समय भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी थे और उन्होंने मिलकर भारत को वर्ल्डकप का खिताब दिलाया था. 2019 में भी भारत वर्ल्डकप जीत सकता था लेकिन कुछ कारणों की वजह से हमे इस वर्ल्डकप में हार का सामना करना पड़ा.

ये खिलाड़ी थे 2011 वर्ल्डकप की जीत के हीरो

11- एस श्रीसंत

विश्वकप 2011 का फाइनल वन-डे श्रीसंत के करियर का आखिरी एकदिवसीय मैच साबित हुआ। 2013 आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें आजीवन रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसके बाद उन्हें कोर्ट से क्लीन चिट जरुर मिली लेकिन बीसीसीआई ने भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति के तहत उनका प्रदर्शन जारी रखा। क्रिकेट के बाद श्रीसंत ने केरल विधानसभा चुनाव में 2016 में चुनाव लड़ा। इसके अलावा वे मलयालम और हिंदी फिल्मों में काम करने लगे हैं। हाल ही में उन्हें एक टीवी रियलिटी शॉ में देखा गया था जहां वे दूसरे स्थान पर रहे थे। हाल ही में उन पर लगा बैन हटा दिया गया है।

10- जहीर खान

लंबे समय से भारतीय गेंदबाजी की धुरी रहे पेस बॉलर जहीर खान 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. जहीर खान विश्व कप 2011 में 21 विकेट झटक कर शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से टॉप पर रहे थे. आजकल उन्हें टीवी कमेंट्री की दुनिया में देखा जाता है।

9- हरभजन सिंह

हरभजन सिंह ने 2011 विश्वकप के फाइनल मैच में 1 विकेट हासिल किया था। उसके बाद उन्हें भारतीय टीम के लिए ज्यादा मौके नहीं मिले। अंतिम बार 2015 में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वन-डे खेलने का मौका मिला था। हालांकि वे आईपीएल में मुंबई इंडियंस से खेलने के बाद अब चेन्नई सुपरकिंग्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। क्रिकेट के किसी भी प्रारूप से भज्जी ने संन्यास नहीं लिया है। वे अंतरराष्ट्रीय मैचों में कमेंट्री करते हुए भी नजर आते हैं।

8- मुनाफ पटेल 

34 साल का यह तेज गेंदबाज भारत की तरफ से 2011 के वर्ल्ड कप के बाद 8 वनडे ही खेल पाया. वर्ल्ड कप में भारत की तरफ से तीसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन उनकी कहीं चर्चा नहीं हुई. भारत के बॉलिंग कोच एरिक सिमंस ने तो उन्हें 2011 विश्व कप जीत का ‘गुमनाम हीरो’ तक बता डाला था. लगातार आईपीएल खेल रहे मुनाफ को 2014 में कोई खरीदार नहीं मिला. 2017 की नीलामी में उन्हें गुजरात लायंस ने खरीदकर थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन ये गुजरात की टीम का आखिरी आइपीएल सीजन था. आजकल वो अपने गांव में परिवार के साथ ही रह रहे हैं.

7- महेंद्र सिंह धोनी

कैप्टन कूल की वजह से ही टीम इंडिया को फाइनल में जीत मिली। उन्होंने बेहतरीन नाबाद 91 रन बनाए और छक्के से जीत दिलाई। फ़िलहाल धोनी टीम से बाहर चल रहे है.

6- युवराज सिंह

इस खिलाड़ी ने कैंसर के बाद भी विश्वकप में खेलते हुए फाइनल सहित सभी मुकाबलों में अहम योगदान दिया। युवराज को मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया। इसके बाद वे कैंसर का इलाज करवाकर लौटे और युवी कैन फाउंडेशन की स्थापना की, इसमें कैंसर पीड़ितों की मदद की जाती है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से वे संन्यास ले चुके हैं।

5- सुरेश रैना

31 साल के इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 2015 के बाद से एक भी वनडे नहीं खेला है, हालांकि इसी साल 2018 में उन्हें टी-20 में उन्हें वापसी का मौका मिला. इस बार वह आईपीएल में अपनी पुरानी टीम चेन्नई सुपर किंग्स से खेलेंगे. फिलहाल उनके सामने सीमित ओवरों के फॉर्मेट में टीम इंडिया का नियमित खिलाड़ी बनने की चुनौती है.

4- विराट कोहली

2011 में विराट कोहली भारतीय क्रिकेट टीम के मध्यमक्रम के बल्लेबाज बन चुके थे और वर्ल्डकप के फाइनल मैच में 35 रनों की पारी सहित पूरे टूर्नामेंट में 247 रन बनाए थे। उसके बाद उसी साल उन्होंने टेस्ट में डेब्यू किया। आज विराट कोहली विश्व क्रिकेट में नंबर 1 खिलाड़ी हैं और कई रिकॉर्ड के मालिक हैं। इसके साथ ही वो टीम इंडिया के तीनों प्रारूपों के कप्तान और टी-20 लीग में बैंगलोर का नेतृत्व करते हैं।

3- गौतम गंभीर

वर्ल्डकप के फाइनल में महत्वपूर्ण 97 रन सहित पूरे टूर्नामेंट में 343 रन बनाने वाले गंभीर भी टीम से अंदर-बाहर होते रहे, लेकिन टी-20 लीग में वो कोलकाता की कप्तानी और अपनी बल्लेबाजी से सबके दिलों पर छाए रहे। फिर 2018 में उन्होंने सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया।फ़िलहाल वे ईस्ट दिल्ली लोकसभा से बीजेपी सांसद हैं।

2- सचिन तेंदुलकर

इनका बल्ला फाइनल में नहीं चला लेकिन अन्य मुकाबलों में प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। विश्वकप के बाद वन-डे क्रिकेट भी उन्होंने ज्यादा दिन नहीं खेला। 2012 में ढाका में तेंदुलकर ने पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम वन-डे खेला। इसके बाद उन्होंने खेल को अलविदा कहा। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास उन्होंने बाद में लिया। संन्यास के बाद वे भारतीय संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा में भी मनोनित हुए, इससे पहले भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न भी उन्हें मिला। मुंबई इंडियंस के साथ मेंटर के रूप में भी उन्होंने कार्य किया।

1- सहवाग

39 साल के इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने अक्टूबर 2015 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की. सहवाग फिलहाल कमेंटेटर है और आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब के साथ बतौर मेंटोर जुड़े हैं. सहवाग ने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट) मार्च 2013 में खेला था.

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