दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से दूर होते हैं ये 9 रोग

तुलसी की पत्तियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। अगर रोजाना तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिया जाए तो बहुत से रोगों से खुद को बचाया जा सकता है। दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिरदर्द और माइग्रेन जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. ए के मिश्रा की मानें तो तुलसी और दूध का साथ में सेवन करने से आपको एक नहीं बल्कि 5 तरह की बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है।

कैसे करें सेवन सबसे पहले डेढ़ गिलास दूध को उबालें। जब दूध उबलना शुरू हो जाए तब इसमें 8 से 10 तुलसी की पत्तियां डालें और उबलने दें। जब दूध एक गिलास हो जाए तब आप गैस बंद कर दें। जब दूध हल्का गुनगुना रह जाए, तब आप इसे पिएं। नियमित रूप से इसका सेवन कई बीमारियों से छुटकारा दिलाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

तुलसी के पत्तों में ऐंटीऑक्सिडेंट गुण पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं इसके गुण शरीर में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करते हैं और उससे रक्षा भी करते हैं। तुलसी की पत्तियों में ऐंटीबैक्टीरियल और ऐंटीवायरल गुण भी होते हैं, जो सर्दी, खांसी व जुकाम से हमें दूर रखते हैं।

आयुर्वेद में सबसे ज्यादा प्रभावशाली है तुलसी

तुलसी आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में सबसे ज्यादा प्रभावशाली औषधि के रूप में जानी जाती है। सर्दी-खांसी से लेकर कैंसर जैसी कई बड़ी और भयंकर बीमारियों में भी एक कारगर औषधि के रूप में तुलसी का इस्तेमाल होता है। आयुर्वेद में तुलसी के पौधे के हर भाग को स्वास्थ्य के लिहाज से फायदेमंद बताया गया है। तुलसी की जड़, उसकी शाखाएं, पत्ती और बीज सभी का अपना-अपना महत्व है। तुलसी की 5 पत्तियां हर दिन पानी के साथ निगलने से दिमाग की क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा भी तुलसी के कई फायदे हैं।

मुंह की बीमारियां करे दूर

काली मिर्च और तुलसी की पत्तियों की गोली बनाकर दातों के नीचे रखने से बहुत आराम मिलता है। वहीं तुलसी के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर कुल्ला करने से गले की बीमारियां दूर हो जाती हैं। मुंह, दांत और गले के दर्द को दूर करने के लिए तुलसी के रस वाले पानी में हल्दी और सेंधा नमक मिलाकर कुल्ला करें। अगर आपके मुंह से बदबू आ रही हो तो तुलसी के कुछ पत्तों को चबा लें, दुर्गंध समाप्त हो जाएगी।

पेट की बीमारी में फायदेमंद

अगर आपको उल्टी आ रही हो तो 10 मिलीग्राम तुलसी की पत्तियों के रस में इतनी ही मात्रा में अदरक का रस मिलाकर उसमें 500 मिलीग्राम इलायची का चूरन मिलाएं। इसके सेवन से उल्टी में आराम मिलता है। तुलसी की पत्तियों का रस दिन में 3 बार पीने से भूख बढ़ती है। साथ ही साथ 2 ग्राम तुलसी की मंजरी को पीसकर काले नमक के साथ दिन में 3-4 बार लेने से पेट दर्द में बहुत आराम मिलता है। तुलसी के पत्तों को जीरे के साथ मिलाकर पीस लें और दिन में 3-4 बार चाटते रहें। ऐसा करने से दस्त रुक जाती है।

कान दर्द में लाभकारी

तुलसी की पत्तियों के रस को हल्का गर्म कर लें। अब दो-दो बूंद कान में टपकाएं। इससे कान का दर्द दूर होता है। कान के पीछे की सूजन को ठीक करने के लिए तुलसी की पत्ती, अरंड की कोपलें और चुटकी भर नमक को पीसकर उसका गुनगुना लेप लगाएं। इससे कान के पीछे की सूजन खत्म हो जाती है।
सिर दर्द दूर करे

तुलसी के तेल की एक-दो बूंद नाक में टपकाने से पुराना सिरदर्द दूर हो जाता है। इसके अलावा अगर आपके सिर में जुएं हैं तो तुलसी के तेल को रोजाना बालों में लगाइए।

चेहरे की चमक के लिए

त्वचा संबंधी रोगों में तुलसी खासकर फायदेमंद है। इसके इस्तेमाल से कील-मुहांसे खत्म हो जाते हैं और चेहरा साफ होता है। इसके अलावा तुलसी का तेल रोज चेहरे पर मलने से चेहरे की चमक बढ़ जाती है।

दमा रोग में फायदेमंद

अगर आप सांस संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो दूध के साथ तुलसी की पत्तियों को उबालकर पिएं। ऐसा करना दमा रोगियों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है।

पथरी की समस्या दूर करती है

अगर किसी व्यक्ति को पथरी की समस्या है तो उसे नियमित रूप से खाली पेट दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीना चाहिए। ऐसा करने से किडनी के पथरी की समस्या और दर्द दूर हो जाता है।

हृदय रोगियों को फायदा

दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर अगर खाली पेट पिया जाए तो हृदय रोगियों को काफी फायदा मिलता है।

तनाव कम होता है

तुलसी के पत्तों में हीलिंग गुण होते हैं। अगर आप तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्या से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबालकर पिएं। इस औषधि को पीने से मानसिक तनाव और चिंता दूर होती है।

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