Kargil Diwas 2020: ऑपरेशन विजय के 21 साल, इन शायरियों में महसूस करें उन वीर योद्धाओं के साहस की कहानी

आज पूरे भारत में कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन, भारत को 26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध में जीत लिया गया था, जिसके कारण हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। 1999 में, पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद भारतीय सेना ने उनके खिलाफ ऑपरेशन विजय शुरू किया। ऑपरेशन विजय 8 मई से शुरू होकर 26 जुलाई तक चला। इस कार्रवाई में भारतीय सेना के 527 जवान शहीद हुए और लगभग 1363 घायल हुए। इस लड़ाई में पाकिस्तान के लगभग तीन हजार सैनिक मारे गए थे, लेकिन पाकिस्तान का मानना है कि उसके लगभग 357 सैनिक ही मारे गए थे।

ना जुबान से, ना निगाहों से
ना दिमाग से, ना रंगों से
ना ग्रीटिंग से, ना गिफ्ट से
आपको विजय दिवस मुबारक
डायरेक्ट दिल से

हम अपने खून से लिखेंगे कहानी ऐ वतन मेरे
करे कुर्बान हंस कर ये जवानी ऐ वतन मेरे
दिली ख्वाइश नहीं कोई मगर ये इल्तजा बस है
हमारे हौसले पा जाये मानी ऐ वतन मेरे
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

जब आंख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो
जब आंख बंद हो तो यादें हिन्दुस्तान की हो
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

कुछ नशा तिरंगे की आन का है
कुछ नशा मातृभूमि की शान का है
हम लहराएंगे हर जगह यह तिरंगा
नशा ये हिंदुस्तान की शान का है
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

नहीं सिर्फ जश्न मनाना, नहीं सिर्फ झंडे लहराना
ये काफी नहीं है वतन पर, यादों को नहीं भुलाना
जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना
खुद के लिए नही ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

मिलते नही जो हक वो लिए जाते हैं
है आजाद हम पर गुलाम किए जाते हैं
उन सिपाहियों को रात-दिन नमन करो
मौत के साए में जो जिए जाते हैं
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

ये बात हवाओं को बताए रखना
रोशनी होगी चिरागों को जलाए रखना
लहू देकर जिसकी हिफाज़त हमने की
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाए रखना
विजय दिवस की हार्दिक बधाई

मुझे तन चाहिए न धन चाहिए
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए
जब तक जिंदा रहूं इस मात्रभूमि के लिए
और जब मरूं तो तिरंगा कफ़न चाहिए
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई
उनकी शहादत का कर्ज़ देश पर उधार है
आप और हम इस लिए खुशहाल हैं क्योंकि
सीमा पर सैनिक शहादत को तैयार हैं
विजय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका कल आगाज आएगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इकंलाब लाएगा
मैं रहूं या ना रहूं पर ये वादा है तुमसे
मेरा कि मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आएगा
विजय दिवस की हार्दिक बधाई

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