शिवराज का ऐलान : मध्यप्रदेश में अब नहीं अब नहीं होंगी 10वीं की बची परीक्षाएं, 12वीं की परीक्षाएं 8-16 जून के बीच

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं की बची हुई परीक्षाएं अब नहीं होंगी और आयोजित हो चुकीं परीक्षाओं के आधार पर मेरिट लिस्ट बनेगी। वहीं, 12वीं की शेष परीक्षाएं 8-16 जून के बीच होंगी। बतौर मुख्यमंत्री, 19 मार्च से लॉकडाउन खत्म होने तक प्राइवेट स्कूलों को सिर्फ ट्यूशन फीस लेने की अनुमति है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्रों के हित में आज महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 10 वीं कक्षा के शेष विषयों की कोई भी परीक्षा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित नहीं की जाएगी। जिस अंक के लिए परीक्षा आयोजित की गई है, उसके आधार पर मेरिट तैयार की जाएगी। शेष विषयों से पहले ‘पास’ का उल्लेख किया जाएगा।

श्री चौहान ने कहा कि 12 वीं की परीक्षा बच्चों के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 12 वीं कक्षा का परिणाम उनके भविष्य को निर्धारित करता है। इसलिए, कक्षा 12 वीं की परीक्षा के शेष पेपर 8 जून, 2020 और 16 जून, 2020 के बीच आयोजित किए जाएंगे। सीबीएसई परीक्षा की तारीखों की भी घोषणा की गई है।

निजी स्कूल केवल शिक्षण शुल्क ले सकते हैं

श्री चौहान ने यह भी घोषणा की है कि निजी स्कूल छात्रों से केवल शिक्षण शुल्क ले सकेंगे। 19 मार्च से राज्य में लॉकडाउन के कारण, निजी स्कूलों को लॉकडाउन के अंत तक बंद कर दिया गया है, इसलिए वे ट्यूशन शुल्क के अलावा कोई शुल्क नहीं ले पाएंगे। ट्यूशन शुल्क लिया जा सकता है, ताकि स्कूल बिना किसी समस्या के चल सकें। इसके अलावा, लाइब्रेरी, बस, खेल और अन्य कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्कूल खुलने के बाद स्कूल अपना फैसला लेंगे।

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