सरकारी ठेकों में भी आरक्षण देगी यूपी सरकार, योगी सरकार ने किया ऐलान

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने PWD, सेतु निगम और राजकीय निर्माण निगम में 40 लाख रुपये तक के ठेकों में आरक्षित वर्ग के ठेकेदारों को आरक्षण दिए जाने के प्रावधान की बात कही है। साथ ही कहा कि बीटेक और डिप्लोमाधारी बेरोजगार सिविल इंजीनियरों को भी 10 लाख तक के ठेकों में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। दलितों को 21%, पिछड़ों को 27%, आदिवासियों 2% और 10% आरक्षण आर्थिक रूप से गरीब सवर्णों को दिया जाएगा।

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यूपी सरकार ने आरक्षित वर्ग को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है. जल्द ही यूपी में लोक निर्माण विभाग (PWD), सेतु निगम और राजकीय निर्माण निगम के ठेकों में आरक्षण का प्रावधान होगा. इसका ऐलान खुद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया है.

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम और राजकीय निर्माण निगम में 40 लाख रुपये तक के ठेकों में पिछड़े वर्ग/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के ठेकेदारों को आरक्षण दिए जाने का प्राविधान जल्द से जल्द किया जाएगा. ठेकेदारी में सभी वर्गों के लोगों को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा. बीटेक और डिप्लोमाधारी बेरोजगार सिविल इंजीनियरों को भी 10 लाख तक के ठेकों में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

क्या होगी आरक्षण की रूपरेखा?

पिछले साल दिसंबर में मिर्जापुर के एक गांव में एक पुल के शिलान्यास के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ठेकों में आरक्षण की पूरी रूपरेखा सामने रखी थी.

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि 40 लाख तक के ठेकों में 21 फीसदी आरक्षण दलितों को, 27 फीसदी आरक्षण पिछड़ों को, 2 फीसदी आरक्षण आदिवासियों को और 10 फीसदी आरक्षण आर्थिक रूप से गरीब सवर्णों को दिया जाएगा. इसके साथ 10 लाख तक के ठेकों के लिए नए नियम बनाए जा रहे हैं, जिससे युवओं और पिछड़े दलित समाज से आने वाले लोगों को ई-टेंडरिंग के बगैर काम दिया जा सके.

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